पटना : विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ के अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सुल्तानगंज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने धार्मिक पर्यटन, आधारभूत संरचना, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आठ प्रमुख विकास परियोजनाओं का ऐलान किया।
सुल्तानगंज और तारापुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की योजना
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सुल्तानगंज में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही तारापुर में भी एयरपोर्ट परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई। उनका कहना था कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पर्यटन व व्यापार को नई गति मिलेगी।
अजगैबीनाथ धाम से अगुवानी घाट तक बनेगा रोपवे
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने अजगैबीनाथ धाम से अगुवानी घाट तक रोपवे निर्माण की घोषणा की। इस परियोजना से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गंगा पार आवागमन में सुविधा मिलेगी और श्रावणी मेले के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को भी बेहतर ढंग से संभाला जा सकेगा।
गंगा पथ, फोरलेन सड़क और रेल लाइन पर भी जोर
सरकार ने भागलपुर से मुंगेर तक करीब 83 किलोमीटर लंबे गंगा पथ (मरीन ड्राइव) के विकास का भी ऐलान किया। इसके अलावा सुल्तानगंज–देवघर फोरलेन सड़क, नई रेल लाइन और अगुवानी–सुल्तानगंज गंगा पुल को 31 दिसंबर 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आएगा।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और नई टाउनशिप का होगा विकास
सम्राट चौधरी ने विक्रमशिला टाउनशिप, अंग टाउनशिप और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित करने की भी घोषणा की। सरकार का उद्देश्य भागलपुर और आसपास के जिलों में औद्योगिक निवेश बढ़ाना, रोजगार के नए अवसर पैदा करना और क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
डॉल्फिन पर्यटन और धार्मिक सुविधाओं का होगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी से जुड़े डॉल्फिन पर्यटन, गंगा पार्क और धार्मिक पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। उनका मानना है कि इससे भागलपुर और सुल्तानगंज राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होंगे।
क्यों अहम हैं ये 8 घोषणाएं?
भागलपुर, सुल्तानगंज और अंग क्षेत्र लंबे समय से बेहतर बुनियादी ढांचे, पर्यटन सुविधाओं और औद्योगिक विकास की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना, परिवहन नेटवर्क मजबूत करना और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है। यदि ये योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो इससे भागलपुर, मुंगेर, बांका और आसपास के जिलों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने के साथ बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
आगे क्या होगा?
सरकार के अनुसार, विभिन्न परियोजनाओं पर चरणबद्ध तरीके से काम शुरू किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण, तकनीकी मंजूरी और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इन योजनाओं को लागू किया जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इन विकास परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन, उद्योग, परिवहन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।